From Album: Marasim (1999)

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नही छोड़ा करते – (2)
वक़्त की शाख से लम्हे नही तोड़ा करते
हाथ छूटे भी तो रिश्ते नही छोड़ा करते

जिसकी आवाज़ में सिलवट हो निगाहों में शिकन – (2)
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नही जोड़ा करते – (2)

शहद जीने का मिला करता है थोड़ा थोड़ा   – (2)
जाने वालों के लिए दिल नही थोड़ा करते – (2)

लग के साहिल से जो बहता है, उसे बहने दो – (2)
ऐसे दरियाँ का कभी रुख़ नही मोड़ा करते – (2)
वक़्त की शाख से लम्हे नही तोड़ा करते
हाथ छूटे भी तो रिश्ते नही छोड़ा करते

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